Banner सार्वजनिक वितरण एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम

सतर्कता समितियों के संबंध में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के संबंध में आलेखं

सतर्कता समितियों का अस्‍तित्‍व राशन प्रणाली के प्रारंभ से ही है। केंद्रीय सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और राशन कार्ड धारकों, उपभोक्ता कार्यकर्ताओं और संसद सदस्यों को पुनर्गठन के लिए सदस्यों के रूप में जोड़कर इन समितियों को सक्रिय बनाने के उद्देश्‍य से समय-समय पर राज्‍य सरकारों से अनुरोध करती आ रही है। नवम्‍बर, 1997 में जारी आदर्श नागरिक अधिकार-पत्र में राज्‍य सरकारों द्वारा पंचायत/वार्ड, तालुक, जिला और राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के स्‍तरों पर सतर्कता समितियों के गठन पर जोर दिया गया था। टीपीडीएस के कार्यान्‍वयन में पंचायती राज संस्‍थाओं को शामिल करने के संबंध में जून, 1999 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों में यह उल्‍लेख किया गया था कि ग्राम पंचायतों/ग्राम सभाओं को उचित दर दुकानों की समितियां गठित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। सतर्कता समितियों के प्रमुख कार्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुचारू कार्यकरण और उससे संबंधित समस्‍याओं के निपटान को सुनिश्‍चित करना है। सरकार ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को उचित दर दुकानों/पंचायत, ब्‍लाक, जिला और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के स्‍तर पर सतर्कता समितियां गठित करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसमें पीडीएस के अंतर्गत स्‍कीमों/उचित दर दुकानों के कार्यकरण की आवधिक समीक्षा करने के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों, उपभोक्‍ता संगठनों और स्‍थानीय निकायों के सदस्‍यों को शामिल किया है। ग्राम/उचित दर दुकान, ब्‍लाक, जिला और राज्‍य स्‍तर पर सतर्कता समितियों के अध्‍यक्ष के रूप में क्रमश: सरपंच, प्रधान, प्रमुख और खाद्य मंत्री/खाद्य सचिवों को शामिल करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को निर्देश जारी किए गए हैं। समय-समय पर राज्‍यों को निर्देश दिए जाने के बावजूद यह महसूस किया गया है कि प्रणाली में समस्‍याओं से निपटने के लिए जमीनी स्‍तर पर सतर्कता समितियों को प्रभावकारी बनाने के लिए राज्‍यों द्वारा अभी बहुत कार्य किए जाने की आवश्‍यकता है।

31.8.2001 को अधिसूचित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 में राज्‍य सरकार द्वारा राज्‍य, जिला, ब्‍लाक और उचित दर दुकान के स्‍तर पर सतर्कता समितियों की कम से कम तिमाही आधार पर बैठकें आयोजित करने का प्रावधान है। बैठकों की तारीख और अवधि राज्‍य सरकार द्वारा अधिसूचित की जानी है।

सतर्कता समितियों के प्रावधानों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्‍य से समितियों की स्‍थापना को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत लाया गया है। इन प्रावधानों की व्‍याख्‍या दिनांक 20.3.2015 को अधिसूचित नए टीपीडीएस (नियंत्रण) आदेश, 2015 में और अधिक स्‍पष्‍ट की गई है।

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 को आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम 1955 की धारा 3 के अंतर्गत और राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 का अधिक्रमण करते हुए दिनांक 20.3.2015 को अधिसूचित किया गया है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में राज्‍य सरकार द्वारा टीपीडीएस के पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए सतर्कता समितियों के संबंध में विभिन्‍न प्रावधानों का उल्‍लेख है। ये हैं:

  • आदेश के खण्‍ड 2(त) में सतर्कता समिति को राज्‍य में टीपीडीएस के कार्यकरण को नियमित पर्यवेक्षण करने के लिए गठित समिति के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • खण्‍ड 11(4) में यह प्रावधान है कि राज्‍य सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार निर्दिष्‍ट कार्यों को निष्‍पादित करने के लिए राज्‍य, जिला, ब्‍लाक और उचित दर दुकान के स्‍तर पर टीपीडीएस के लिए सतर्कता समितियां गठित करेगी।
  • खण्‍ड 11(5) में यह प्रावधान है कि सतर्कता समितियों की बैठकें सभी स्‍तरों पर कम से कम हर तिमाही में एक बार आयोजित की जाएगी और बैठक की तारीख और अवधि राज्‍य सरकारों द्वारा अधिसूचित की जाएगी और इसका व्‍यापक प्रचार किया जाएगा।
  • खण्‍ड 11(7) में यह प्रावधान है कि सतर्कता समितियों द्वारा आयोजित बैठकों की संख्‍या राज्‍य के वैब पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी और सतर्कता समितियों की बैठकों में विचारित मुद्दों पर की गई कार्रवाई पर समीक्षा अगली बैठक में की जाएगी।
  • खण्‍ड 7(4) में यह प्रावधान है कि विनिर्दिष्‍ट प्राधिकारी यह सुनिश्‍चित करेगा कि उचित दर दुकान को भेजे गए आवंटन आदेश की प्रति स्‍थानीय प्राधिकारी, सतर्कता समितियों और राज्‍य सरकार द्वारा उचित दर दुकानों की निगरानी और कार्यकरण के लिए नामित कोई अन्‍य निकाय को भी भेजी जाए।
  • खण्‍ड 8(5) में यह प्रावधान है कि उचित दर दुकान के मालिकों और राज्‍य सरकार द्वारा प्राधिकृत दो या दो से अधिक व्‍यक्‍ति जैसे स्‍थानीय प्राधिकरण के प्रमुख, कार्यकारी अधिकारी, स्‍थानीय प्राधिकरण के सचिव, सतर्कता समिति, महिला स्‍व–सहायता समूह के सदस्‍य द्वारा मासिक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 29 में यह प्रावधान है कि राज्‍य सरकारें राज्‍य, जिला, ब्‍लाक और उचित दर दुकान के स्‍तर पर सतर्कता समितियां गठित करेंगी जिनमें उनके द्वारा नामित व्‍यक्‍ति शामिल किए जाएंगे, जो स्‍थानीय प्राधिकारियों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, निराश्रित अथवा विकलांग व्‍यक्‍तियों के वर्गों का उचित प्रतिनिधित्‍व करते हों। इसके अतिरिक्‍त, अधिनियम की धारा 29 में सतर्कता समितियों द्वारा टीपीडीएस सहित एनएफएसए के अंतर्गत सभी स्‍कीमों के कार्यान्‍वयन का नियमित पर्यवेक्षण, इसके द्वारा पाए गए अधिनियम के किसी भी प्रावधान का किसी भी तरह उल्‍लंघन और निधियों के कदाचार अथवा अन्‍यत्र उपयोग के बारे में जिला शिकायत निवारण अधिकारी (डीजीआरओ) को लिखित में सूचित करना जैसे कार्य किए जाने का उल्‍लेख है। इन प्रावधानों से सतर्कता समिति के ढांचे को अधिक मजबूती मिलने की आशा की जाती है और वितरण प्रणाली में इनकी प्रभावशाली भूमिका सुनिश्‍चित होती है।

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