Banner नीति और भारतीय खाद्य निगम

बोरे

खाद्यान्नों की पैकेजिंग के लिए बोरियों की खरीद

सरकारी एजेंसियों द्वारा खाद्यान्नों की पैकेजिंग के लिए जूट की बोरियों की खरीद हेतु वस्त्र मंत्रालय ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश तैयार किए हैं :-

  • भारतीय खाद्य निगम और राज्य एजेंसियां प्रत्येक विपणन मौसम अर्थात रबी और खरीफ से काफी पहले माहवार आवश्यकता का आकलन करने के बाद पटसन आयुक्त के कार्यालय के माध्यम से जूट की बोरियों की खरीद करती है, जिसका समन्वय इस विभाग द्वारा किया जाता है। आकलन के बाद निधियों के साथ माँगपत्र पटसन आयुक्त कार्यालय, कोलकाता को प्रस्तुत किए जाते हैं। पटसन आयुक्त द्वारा उत्पादन नियंत्रण-सह-आपूर्ति आदेश (पीसीएसओ) जारी किए जाते हैं, जिनमें विनिर्माताओं को निर्दिष्ट गुणवत्ता और मात्रा की बोरियों का उत्पादन करने का निर्देश दिया जाता है। ऐसी आपूर्ति के लिए देय मूल्य का निर्धारण पटसन आयुक्त के कार्यालय द्वारा टैरिफ आयोग फार्मूले का उपयोग करके किए जाता है।
  • जूट की बोरियों का निरीक्षण पारेषिती अथवा पटसन आयुक्त द्वारा सूचीबद्ध एवं राज्य एजेंसियों द्वारा चयनित/नियुक्त निरीक्षण एजेंसियों द्वारा किया जाता है। बीआईएस विनिर्दिष्टियों के अनुसार प्रेषण-पूर्व निरीक्षण किया जाता है।
  • पटसन आयुक्त/भारतीय खाद्य निगम/अन्य सरकारी एजेंसियो के पास राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक बोली (खुले टेंडर) के माध्यम से जूट की बोरियों की खरीद का विकल्प होता है, बशर्ते ऐसे टेंडर में उल्लिखित पटसन आयुक्त द्वारा मूल्य टैरिफ आयोग फार्मूले के आधार पर निर्धारित मूल्य से अधिक न हो।

    खरीदी गई धान की पैकेजिंग हेतु उपयोग प्रभार के भुगतान संबंधी वर्तमान नीति

    जूट की बोरियों की खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने और इस प्रक्रिया की समुचित निगरानी के लिए भारत सरकार ने दिनांक 18.05.2017 के पत्र द्वारा बोरियों के मूल्य में गिरावट संबंधी पिछली नीति के अधिक्रमण में राज्यों/भारतीय खाद्य निगम को खरीदी गई धान की पैकेजिंग हेतु उपयोग प्रभार के भुगतान के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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