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सतर्कता प्रभाग की संक्षिप्‍त गतिविधियां

  • खाद्य और सार्वजनिक वितरण प्रभाग में, सतर्कता प्रशासन की अध्‍यक्षता अतिरिक्‍त प्रभार आधार पर संयुक्‍त सचिव स्‍तर के केन्‍द्रीय सतर्कता अधिकारी द्वारा की जाती है। विभाग में एक उप सचिव, एक अवर सचिव और डेस्‍क अधिकारी के अलावा, मंत्रालय के चार लिपिकीय कर्मचारी उनकी सहायता करते हैं। सतर्कता प्रशासन की दो अनुसूची हैं ‘क’ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यथा भारतीय खाद्य निगम और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की अध्‍यक्षता दिल्‍ली के संबंधित मुख्‍यालयों में संयुक्‍त सचिव स्‍तर के केंद्रीय सतर्कता अधिकारी के द्वारा पूरे समय के लिए की जाती है।
  • दोनों सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में पूर्णरूपेण सतर्कता प्रभाग है, जिसमें क्रमानुसार इच्‍छुक अधिकारी भारतीय खाद्य निगम और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के सतर्कता पहलुओं की देखरेख करते हैं। बाहर के अन्‍य अधीनस्‍थ कार्यालयों में सतर्कता प्रशासन का कार्य एक योग्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी को ही सौंपा जाता है।
  • उपर्युक्‍त सतर्कता स्‍थापना अनुभाग सीवीसी द्वारा समय-समय पर जारी निर्धारित मार्गदर्शी सिद्धांतों का पालन करना है। वर्तमान में केन्‍द्रण सहभागिता सतर्कता पर है अर्थात सामान्‍यजनों विशेषतौर पर राजसहायता प्राप्‍त खाद्यान्‍नों के लाभानुभोगियों और पीडीएस के अन्‍य पणधारियों को शामिल करना अर्थात राज्‍य और केन्‍द्रीय सरकार दोनों में पीडीएस मशीनरी के लिए दृष्‍टिकोण को अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। दंड देने की अपेक्षा निवारक सिद्धान्‍त पर बल दिया जा रहा है और दोषयुक्‍त प्रणाली और प्रक्रियात्‍मक खामियों का पता लगाया जा रहा है जिसमें भूल-चूक लेनी देनी के कार्यों की अनुमति होती है।
  • विस्‍तृत नियमों और विनियमों के अलावा भ्रष्‍टाचार से निपटने के लिए उपलब्‍ध नवीनतम प्रौद्योगिकी (IT) का इस्‍तेमाल किया जाएगा और भ्रष्‍टाचार की जांच के लिए अन्‍य अभिनव समाधान करने के लिए क्रमावर्तन स्‍थानान्‍तरण, फाइल संचालन प्रणाली, वार्षिक सम्‍पत्‍ति रिटर्न की सम्पूर्ण जांच जैसे साधनों को भ्रष्‍टाचार उन्‍मूलन के लिए लागू किया जा रहा है।
  • केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग और मंत्रिमण्‍डल सचिवालय और कार्मिक प्रशिक्षण विभाग पारस्‍परिक सेमिनारों के माध्‍यम से भ्रष्‍टाचार-रोधी गति का भी ध्‍यान रखता है और मंत्रालयों के परस्‍पर संवाद को बनाए रखता है।
  • उपर्युक्‍त सक्रिय दृष्‍टिकोण के कारण सार्वजनिक उपक्रमों यथा भारतीय खाद्य निगम और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन दोनो में लंबित सतर्कता मामले काफी कम हो गए हैं।
  • लंबित कार्यों को कम करने के लिए इस दृष्‍टिकोण से इतर नई पहलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • साथ ही साथ, जैसा कि पहले ही कहा गया है, वर्तमान में सीवीसी प्रायोजित ई-प्रोक्‍यूरमेंट (ई-खरीद) पर बल दिया जा रहा है ताकि सरकारी खरीद को पूर्णतया स्‍वच्‍छ रूप में सुनिश्‍चित किया जा सके। इसके लिए सरकार की आवश्‍यकताओं का समय पर अनुमान लगाये जाने और उसके उपरांत एनइटी पर इसे प्रदर्शित करने और उसके बाद खरीद प्रक्रिया में की गई प्रगति को ऑनलाइन प्रदर्शन के माध्‍यम से प्रदर्शित करते हुए और ई-पेमेंट से इसे समाप्‍त करते हुए संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
  • सम्‍मानित जनता के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है ताकि नागरिकों और सरकारी पदाधिकारियों के बीच अनावश्‍यक वार्तालाप से बचा जा सके। संवेदनशीलता और समानभूति को सुनिश्‍चित करने के अतिरिक्‍त समय पर लोक शिकायतों को दूर करने के लिए साफ्टवेयर को नागरिक अनुरूप (citizen friendly) तैयार किया जा रहा है। सतर्कता प्रभाग ने सामान्‍य व्‍यक्‍ति और खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच दूरी कम करने के लिए सामान्‍य जनता के प्रयोगार्थ प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्‍नों का एक सेट (द्विभाषिक) भी तैयार किया है।
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